भगवान हमारे महावीरजी की जन्म दिन की बधाई है। दुनियाँ में नाम किया खुशियाँ घर-घर में छाई है ।।
अहिंसा का सन्देश जगत में जीओ और जीने दो। प्राणी मात्र से प्रेम करो दुनियाँ को युक्ति बताई है ।।
सत्य बोलो अपरिग्रह अस्तेय का पाठ सबको पढ़ाया। महावीर की मुख वाणी ने प्रेम की बंसी बजाई है ।।
प्राणी मात्र को धरती पर जीने का अधिकार बड़ा । करुणा के अवतार ने विश्व में अलख जगाई है ।।
जीवन की प्रेमशाला में सिर्फ सन्तोष में रहिये। स्वच्छ मन से जीने से स्वर्ग लोक में विजय पाई है ।।
तेरे दर्शन जब जब करूँ मन में विश्वास आता रहा। ये जीवन क्षण भंगुर हुआ सिर्फ धर्म ही कमाई है ।।
राजपाट को छोड़ कर एक जगह ही ध्यान किया। जीवन ही सच्चा सोना है जीने की युक्ति दिखाई है ।।
जय जय महावीर स्वामी की वीतरागी की जय बोलो, क्रोध लोभ का त्याग करो फिर 'चमन' ने कलम चलाई है ।।